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Sochna to Padega Hi by Piyush Goel

Book Launch: Sochna to Padega Hi by Piyush Goel

Motivational speaker Piyush Goel has published his yet another book ‘Sochna to Padega Hi’ where he has included his top 110 motivational quotes. This inspiring author is also a mirror image writer. He has written Bhagavad Gita in mirror image format with a pen. Another of his many talents is writing Madhushala with needle. Multitalented author Piyush Goel has been inspiring young people to become their best version so that they can contribute to their country.

Not only mirror image Piyush Goel has also written books with various methods like, hammer-nail on aluminum sheet and needle work on paper. The author is greatly inspired by Bhagavad Gita and lives by the moral of Lord Krishna’s teachings.

His latest release is: ‘Sochna to Padega Hi’

About the book:

The book contains 110 motivational quotes by Piyush Goel. Mechanical Engineer, Motivator and Mirror Image writer, since 2003 to 2015 Piyush has written 16 books in Mirror Image format, which includes Shri Bhagwathgeeta (English & Hindi), Madhushala (using needle), Panchatantra (using carbon paper), Geetanjali (using mehendi cone), Sai Satcharitra (English & Hindi) and Piyushvani (using nail). Piyush has written a book with a needle, which is the first-ever book written using a needle. Piyush has published 3 books already, visit: www.piyushgoel.in for more details. Piyush has written a book with a needle, which is the first-ever book written using a needle. Piyush has published 3 books already, visit: www.piyushgoel.in for more details.

‘Sochna to Padega Hi’

After his new book launch, we conducted a special live interview with this motivational author. Let us have a glimpse into his interview below:

Interview with Piyush Goel:

Author Piyush Goel

Geniusfemini representative: पीयूष जी आप अपने बारे में बतायें।

Piyush Goel: जी मेरा नाम पीयूष कुमार गोयल हैं, मैं माता रवि कांता गोयल व पिता डॉ देवेंद्र कुमार गोयल के यहाँ 10 फरवरी 1967 को दादरी में पैदा हुआ था। मैं एक यांत्रिक इंजीनियर हूँ, करीब 25 साल का विभिन्न कम्पनियो में काम करने का अनुभव हैं। बचपन से ही कुछ नया करने की लगन ने कार्टूनिस्ट,लेखक व मोटीवेटर बना दिया क्रिकेट अंपायरिंग का भी शौक रखता हूँ, दर्पण छवि का लेखक हूँ.

Geniusfemini representative: आप संग्रह करने के भी शौकीन हैं।

Piyush Goel: जी मैं सन 1982 से संग्रह कर रहा हूँ सबसे पहले मैने डाक टिकटे सँग्रह करना शुरू किया धीरे धीरे और अन्य चीजों का सँग्रह करना शुरू कर दिया माचिस सँग्रह सिगरेट सँग्रह डाक टिकट सँग्रह आटोग्राफ सँग्रह पेन सँग्रह प्रथम दिवस सँग्रह सिक्के व नोट सँग्रह मेरे पास हैं इसके अलावा गणित मेरा प्रिय विषय हैं मेरे 3 पेपर इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं।

Geniusfemini representative: आप दर्पण छवि के लेखक है आप कौन-कौन सी पुस्तकें लिख चुकें हैं।

Piyush Goel: जी मैं अब तक 1७ पुस्तकें दर्पण छवि में लिख चूका हूँ श्रीमद्भगवद्गीता हिंदी व इंग्लिश भाषा में, मेहंदी कौण से गीतांजलि, कार्बन पेपर से पंचतंत्र, कील से पीयूषवाणी व सुई से मधुशाला को लिखा हैं सुई से लिखी पुस्तक दुनियाँ की पहली पुस्तक जो सुई से लिखी गई हैं।

Geniusfemini representative: आपकी कौन-कौन सी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

Piyush Goel: जी मेरी (४+४ अलग -अलग भाषाओं में )पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं पहली पुस्तक “गणित एक अध्धयन” दूसरी पुस्तक “इजी स्पेलिंग” तीसरी पुस्तक “पीयूषवाणी” अभी हाल ही में चौथी पुस्तक “सोचना तो पड़ेगा ही”।

Geniusfemini representative: आपकी चौथी पुस्तक “सोचना तो पड़ेगा ही”के बारे में बतायें।

Piyush Goel: जी मेरी चौथी पुस्तक “सोचना तो पड़ेगा ही” मेरे अपने 110 विचारों का सँग्रह हैं जो पुस्तक के रूप में आपके सामने हैं मेरा सोचना ये हैं की मेरे अच्छें विचारो से किसी की जिंदगी में सकरात्मकता ही आ जाये समझूंगा मेरा प्रयास सफल रहा। मैं अपने प्रिय पाठको से कहना चाहूंगा एक बार अवश्य पढ़े। ऑनलाइन उपलब्ध हैं अंत में यह अवश्य कहना चाहूंगा “जिंदगी को जीना हैं सोचना तो पड़ेगा ही और जीनें तो चढ़ने पड़ेंगे”।

Geniusfemini representative: आपकी पुस्तक का नाम “सोचना तो पड़ेगा ही” वाकई बड़ा टचिंग हैं।

Piyush Goel: जी आपको बताऊँ पुस्तक का नाम रखने में मुझे 10-15 दिन लगे सब कुछ तैयार था नाम की वजह से मुझे अपने कई दोस्तों से बात की उनके बतायें नामों को लिखता रहा अपने आप भी सोचता रहा एक दिन रात को करीब 2 बजे एक नाम दिमाग मैं आया और नोट कर लिया अगले दिन सुबह पब्लिशर को ये ही नाम दे दिया….अब जो भी कोई मुझ से मिलता हैं या फ़ोन पर बात करता हैं सबसे पहले ये ही बोलता हैं भाई “सोचना तो पड़ेगा ही….”।

Geniusfemini representative: पुस्तक “सोचना तो पड़ेगा ही” के कुछ विचार।

Piyush Goel:

  • जिंदगी को अगर किसी का सहारा लेकर जिओगे एक दिन हारा हुआ महसूस करोगे।
  • किसी काम को करने की नियत होनी चाहिये टालने से काम नहीं चलने वाला।
  • आपके सपनों में बहुत के सपने छिपे हैं अपने सपनें पुरे करो।
  • सोचना मेरी आदत…लगन मेरा समर्पण… जिद्द मेरी सफलता।

Geniusfemini representative: पुस्तक “सोचना तो पड़ेगा ही” को आप कई अन्य भाषाओं में भी प्रकाशित कर रहे हैं इस के बारे में बतायें?

Piyush Goel: जी, पुस्तक प्रकाशित करवाना और पुस्तक की Marketing करना दो अलग अलग बातें हैं मेरे से कई लोगों ने फ़ोन करके पूछा आप अपनी पुस्तक की मार्केटिंग करना चाहते हैं मैं बोला कितने पैसे लगेंगे सभी ने बहुत महँगा बताया … लेकिन मैं मन ही मन कुछ सोच रहा था मुझे एक प्रकाशक मिले मेरी उनसे बात हुई और मैं ने उनसे कहा मुझे “सोचना तो पड़ेगा ही” कम से कम १७ भाषाओं में चाहिए उन्होंने हाँ कर दी अभी हिंदी के अलावा ४ अन्य भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं और काम जारी हैं ये भी एक तरह से पुस्तक की मार्केटिंग ही हैं आज के इस दौर में सोशल मीडिया का भी फ़ायदा मिल रहा हैं. १७ भाषाओं में इस लिए की भारतीय नोट पर (१५+२) भाषाएँ हैं. इसलिए मैं अपनी पुस्तक “सोचना तो पड़ेगा ही” १७ भाषाओं में प्रकाशित करवा रहा हूँ.

Geniusfemini representative: आप मोटिवेशन स्पीकर हैं कोई एक ऐसी बात साझा करे जो हर किसी के काम आए.

Piyush Goel: जी जरुर, दुनिया नतीजे को सलाम करती हैं पर प्रयास करने वालों की कभी हार नहीं होती हैं और हाँ ज़िंदगी में दो चीज़ होती हैं “YES” और “NO”. अगर ज़िंदगी में आपको “yes” मिले तो खुश अगर “No” मिले तो कभी घबराना नहीं “No” का मतलब “Next Opportunity” …. आपकी ज़िंदगी में अच्छा होना हैं.

You can have a glimpse of the live interview with Piyush Goel here below:

Some motivational words from Piyush Goel:

Author Piyush Goel explaining his art
Author Piyush Goel at the exhibition of his artistic venture

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